• Sat. Sep 26th, 2026

फ्लाइट रिशेड्यूल के बाद यात्री को बोर्डिंग से रोकना इंडिगो को पड़ा भारी, आयोग ने 67,713 रुपये देने के दिए आदेश

By

Sep 26, 2026

नई दिल्ली। दिल्ली के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-I (नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट) ने इंडिगो एयरलाइंस को एक यात्री को फ्लाइट में बोर्डिंग से रोकने के मामले में सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का जिम्मेदार माना है। आयोग ने एयरलाइन को यात्री डेजी अग्रवाल को कुल करीब 67,713 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

मामला 3 फरवरी 2019 का है। डेजी अग्रवाल ने दिल्ली से बंगलूरू जाने के लिए इंडिगो की फ्लाइट बुक की थी। विमान के उड़ान भरने का निर्धारित समय दोपहर करीब 1 बजे था, लेकिन परिचालन कारणों का हवाला देते हुए एयरलाइन ने फ्लाइट का समय बदलकर शाम 4 बजे कर दिया था।

यात्री के मुताबिक, वह बदले हुए समय के अनुसार करीब 2:45 बजे एयरपोर्ट पहुंचीं। उनका आरोप था कि इसके बावजूद एयरलाइन के कर्मचारियों ने उन्हें बोर्डिंग पास जारी नहीं किया और ‘नो शो’ मान लिया। फ्लाइट में सफर नहीं कर पाने के बाद उन्हें दूसरी उड़ान का टिकट लेना पड़ा, जिसके लिए 12,713 रुपये खर्च हुए।

मामले की सुनवाई करते हुए आयोग की अध्यक्ष दिव्या ज्योति जैपुरियार और सदस्य अश्वनी कुमार मेहता व हरप्रीत कौर छाबड़ा की पीठ ने एयरलाइन के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। पीठ ने कहा कि इंडिगो चेक-इन लॉग, काउंटर बंद होने का रिकॉर्ड या ऐसे अन्य दस्तावेज पेश नहीं कर सकी, जिनसे यह साबित होता कि यात्री निर्धारित समय के बाद एयरपोर्ट पहुंची थीं।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि एयरलाइन की कंडीशंस ऑफ कैरिज में शामिल संविदात्मक शर्तें उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत उपभोक्ता को मिलने वाले वैधानिक अधिकारों के खिलाफ पूर्ण बचाव नहीं हो सकतीं। पीठ ने पर्याप्त आधार के बिना यात्री को बोर्डिंग से रोकने को सेवा में कमी, लापरवाही और अनुचित व्यापार व्यवहार माना।

आदेश के अनुसार, इंडिगो को 12,713 रुपये की टिकट राशि पर 20 अप्रैल 2019 से 9 प्रतिशत सालाना ब्याज का भुगतान करना होगा। इसके अलावा मानसिक पीड़ा, उत्पीड़न और असुविधा के लिए 50 हजार रुपये मुआवजा तथा 5 हजार रुपये मुकदमेबाजी खर्च भी देना होगा। यदि एयरलाइन ने आदेश के तहत राशि 30 दिनों के भीतर अदा नहीं की तो बकाया रकम पर 12 प्रतिशत सालाना ब्याज लागू होगा।

By

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *