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फतेहपुर के लेहड़ा टोला में सामूहिक नरसंहार में मारे गए लोगों को दी गई श्रद्धांजलि

ByRashtriya Nirmaan

Oct 9, 2023

देवरिया। रुद्रपुर के फतेहपुर लेहड़ा में सत्य प्रकाश दुबे व उनके परिवार के लोगों की हुई हत्या को लेकर हर कोई मर्माहत है। रविवार को शहर के सोंदा स्थित मैरेज हाल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में यूपी ही नहीं, पड़ोसी प्रांत बिहार से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। लोगों की भीड़ इस कदर उमड़ी की वहां पैर रखने के लिए भी जगह नहीं मिली। वाहनों का तीन किलोमीटर तक रेला लगा रहा और पुलिस कर्मियों को वाहनों को हटाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। श्रद्धांजलि सभा की सूचना मिलने पर जिले के युवा बड़ी संख्या में बाइक से पहुंचे और श्रद्धांजलि दी। जबकि गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज, संतकबीर नगर, बलिया, मऊ जनपद के अलावा पड़ोसी प्रांत बिहार के सिवान व गोपालगंज जनपद से भी बड़ी संख्या में लोग इस श्रद्धांजलि सभा में पहुंचे। सुबह 11 बजे से वाहनों का आना शुरू हुआ तो दोपहर बाद तीन बजे तक यही स्थिति बनी रही। श्रद्धांजलि देने वालों में विधायक खलीलाबाद अंकुर राज त्रिपाठी, पूर्व विधायक सुरेश तिवारी, रजनीकांत मणि त्रिपाठी, एसके मिश्र समेत अन्य लोग बड़ी संख्या में शामिल रहे।

उधर एकसूत्रता परिवार गोरखपुर के सदस्यों ने श्रद्धांजलि सभा में पुष्पांजलि अर्पित कर उनके पुत्रों के सहयोगार्थ दो लाख रुपये का आर्थिक सहयोग प्रदान किया। एकसूत्रता परिवार के सदस्यों में सृंजय मिश्र, संजय तिवारी, हेमंत मिश्र, दुर्गेश पांडे, अखिलेश दूबे, शैलेश त्रिपाठी, सूर्यनारायण मिश्र, दिनेश पांडे, अनुपम मिश्र, विजय त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।

श्रद्धांजलि सभा में हत्यारोपितों को फांसी की सजा की उठी मांग

बड़ी संख्या में युवा हाथ में तख्ती लेकर पहुंचे। युवाओं का कहना था कि निर्मम हत्या की गई है। ऐसे आरोपितों को फांसी की सजा होनी चाहिए। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक में कराई जाए। ताकि जल्द से जल्द ऐसे आरोपितों को सजा मिल सके।

शंकर हत्याकांड की आरोपितों पर सख्त कार्रवाई को उठी मांग

सोंदा में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप के नेतृत्व में सलेमपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। इस दौरान इशारू गांव के रहने वाले शंकर पांडेय के हत्यारोपितों को फांसी देने व आर्थिक सहायता की भी आवाज उठी।

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